प्रिय अधिवक्ता साथियों
आपको ज्ञात रहे कि विधि व्यवसाय ही दूनिया का सबसे सर्वश्रेष्ठ पेशा है जो जानते हुए भी महा दानी कर्ण के बाद अगर कोई आज भी साथ देता है तो वो है अधिवक्ता ।
देश की आजादी के बाद लोकसभा व विधानसभा में अधिवक्ता ही चुनाव जीतकर जाते थे, मगर आज तरह-तरह के लोग इस क्षेत्र में आये है, जिनका उद्देश्य समाज, सेवा व जनहित नहीं मात्र पैसा कमाना है, फलस्वरूप राजनैतिक स्तर व वर्तमान व्यवस्था दिन-बे दिन गिरती जा रही है।
अधिवक्ता का दायित्व व कर्तव्य समाज में न्यायिक व्यवस्था का संतुलन बनाये रखना है न की अपनी आजीविका का आधार बनाकर वकालात कर जीवन निर्वाह करना।
रियासत काल के दौरान बालोतरा में चीफ मालाणी कोर्ट 1935 में खोला गया, पुरानी व्यवस्था के अनुसार रावल अमर सिंह जी जसोल 1952 में हमारे यहां अंतिम हॉकम रहे. जहां तक विधित है, बालोतरा एक बहुत बड़ा भू-भाग बाला न्यायिक जिला देश स्वतंत्र के बाद बना, जिसका क्षेत्राधिकार बालोतरा सहित प्रशासनिक जिले बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर तक रहे जो धीरे-धीरे अलग होकर वर्ष 2025 में बाड़मेर जिला भी हमसे अलग होकर मात्र अब नवीन जिला बालोतरा एक ही न्यायिक क्षेत्र जिला एवं सत्र न्यायालय बालोतरा के अधीन है।
इसी कारण पूर्व में अधिवकाओं की जिला बार भी न्यायिक जिला वी अनुसार ही रही। इसी कारण इसका नाम करण भी कालान्तर में जिला अभिभाषक संघ बालोतरा ही रखा गया जो आज भी है।
पूर्व में जोधपुर निवासत के अधीन हाकम बालोतरा में जहां विराजते बो हुकता की गरी आज भी कहलाती है तत्पश्चात अंग्रेजी काल में वर्ष 1935 के करीब वर्तमान न्यायालय परिसर में न्यायालय भवन निर्मित किये गये जहां आज भी उस वक्त की मने भवन में जिला एवं सत्र न्यायालय नियमित रूप से संचालित हो रहा है।
जिला एवं सत्र न्यायालय बालोतरा के क्षेत्राधिकार से अलग हुए, बाड़मेर जैसलमेर व जालोर जिलों के जिला स्तर पर न्यायालय भवन व अधिवक्ताओं के चैंबर इत्यादी की माकूल सुविधाएँ है, मगर अति सखेद है कि हमारी बार में दुरदर्शिता व खूब निर्णय का घौर अभाव रहा, बढ़ती जनसंख्या एवं बदलती व्यवस्था के कारण अब पुराने न्यायालय भवन अति सीमित क्षेत्र में आ गये है. नव न्यायालय भवनों एवं विशाल क्षेत्राधिकार वाले न्यायिक जिला बालोतरा, अधिवक्ताओं के चैंबर ज्यूडिशियल कॉलोनी के लिये करीब साढ़े आठ बीघा भूमि ही आवंटित हुई, जिस कारण आज हम राज्य की सबसे शांतिप्रिय बार को न्यायालयों एवं परिसर, अधिवक्ता कॉलोनी एवं पैम्बर व ज्यूडिशियल कॉलोनी हेतु अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिये माननीय उच्च न्यायालय से न्याय पाने हेतु आज हम मोहताज हो गये है। नव न्यायालयों भवनों का कार्य प्रगति पर है।
प्रिय साथियों अधिवक्ता ही दूनिया का सबसे सजग व जागरूक नागरीक है और आपसे आमजन कई अपेक्षाएँ रखते है, जिस पर भी खरा उतरकर सुनहरे व अति व्यवस्थिति भायी जिला की स्थापना में आपका अपना योगदान व दायित्व की जिम्मेवारी व्यवस्थित पूर्णतः कायम करनी है।
हम कानून के जानकार है. कानून से देश व यूनिया चलती है, परन्तु यहाँ जिले में राजस्व अदालतों का भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है, जहां न सुरज बदला, न चांद बदला, न बदले धरती व आकाश, कुड़, कपट व स्वार्थ के हाथों बिक रहा इंसाफ जो हमारे लिये चुनौतीपूर्ण है।
श्री उम्मेद सिंह चम्पावत
अध्यक्ष , जिला अभिभाषक संघ बालोतरा





